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Old Pension Scheme 2024 पुरानी पेंशन की मांग को लेकर केंद्र और राज्यकर्मियों की भूख हड़ताल शुरू, जाने क्या है मांगे

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Old Pension Scheme 2024: पुरानी पेंशन की मांग को लेकर केंद्र और राज्यकर्मियों की भूख हड़ताल शुरू, जाने क्या है मांगे

Old Pension Scheme 2024 :केंद्रीय और राज्य सरकारों के कर्मचारी संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए तैयार हैं। सरकार को चेताने के लिए देश भर में सरकारी कर्मचारियों ने आठ जनवरी से 11 जनवरी तक ‘रिले हंगर स्ट्राइक’ शुरू की है। सोमवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर ओपीएस के लिए गठित नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) के संयोजक शिव गोपाल मिश्रा सहित कई एसोसिएशनों के पदाधिकारियों ने रिले हंगर स्ट्राइक में भाग लिया। AIDF और कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लाइज एंड वर्कर्स इस हंगर स्ट्राइक में भाग ले रहे हैं।

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इन विभागों में हुआ था स्ट्राइक बैलेट

सरकारी कर्मचारियों ने पुरानी पेंशनों को वापस लेने की मांग को लेकर कई चरणों में आंदोलन चलाया है। इसके तहत रामलीला मैदान में रैली और धरने हुए हैं। सरकार को कर्मचारियों ने चेताया है कि इस विषय पर देश भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल हो सकती है। रेलवे और रक्षा (सिविल) देश के दो सबसे बड़े कर्मचारी संगठन हैं, जो इस हड़ताल के साथ सहमत हैं।

स्ट्राइक बैलेट में रेलवे के 11 लाख कर्मचारियों में से 96 फीसदी ओपीएस लागू नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को तैयार हैं। इसके अलावा, चार लाख से अधिक सिविल रक्षा कर्मियों में से 97 फीसदी हड़ताल पर हैं। कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि हड़ताल की तिथि जनवरी में घोषित की जाएगी। देश भर के सरकारी कर्मचारी ‘रिले हंगर स्ट्राइक’ पर बैठेंगे इससे पहले। सरकार को चेताने के लिए यह स्ट्राइक की गई है।

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जल्द शुरू हो सकती है अनिश्चितकालीन हड़ताल

NGCA ने कहा कि सरकारी कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में बहुत जल्द अनिश्चितकालीन हड़ताल हो सकती है। रक्षा क्षेत्र के उद्योगों में कामकाज बंद हो जाएगा और रेल सेवा थम जाएगी। इससे केंद्र और राज्यों में सरकारी कामकाज प्रभावित होंगे। अनिश्चितकालीन हड़ताल का पहला चरण आठ जनवरी से 11 जनवरी तक केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, संगठनों और प्रतिष्ठानों के सामने होगा ‘रिले हंगर स्ट्राइक’ है। भूखे रहकर, विभिन्न कर्मचारी संगठन सरकार से ‘पुरानी पेंशन बहाली’ की मांग करेंगे।

pm हंगर स्ट्राइक में एक निश्चित अवधि के बाद, कर्मचारियों की दूसरी सेना भूख हड़ताल स्थल पर पहुंच जाएगी। कर्मचारी संघों की मांग है कि गारंटीकृत पुरानी पेंशन व्यवस्था पुनः शुरू की जाए। केंद्र सरकार ने इस विषय पर एक कमेटी बनाई है। ओपीएस का कहीं भी उल्लेख नहीं है। Kameti अपनी रिपोर्ट केवल NPS सुधार पर केंद्रित करेगी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पिछले संसद सत्र में लोकसभा सदस्य नव कुमार सरनीया, दीपक बैज और कृपाल बालाजी तुमाने द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि केंद्र सरकार के पास ओपीएस बहाली को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं है।

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गारंटीकृत पुरानी पेंशन योजना बहाल करनी होगी

शिव गोपाल मिश्रा कहते हैं कि केंद्रीय और राज्य कर्मचारी ओपीएस पर लगातार बोल रहे हैं। रामलीला मैदान में कर्मचारी संगठनों ने रैलियां की हैं। सरकार ने कई प्लेटफॉर्म पर ओपीएस की मांग उठाई है। हमने सरकार को स्पष्ट रूप से बताया है कि कर्मचारियों को ओपीएस के अतिरिक्त कोई अनुमति नहीं है। सरकार को एनपीएस को समाप्त करना होगा और गारंटीकृत पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से शुरू करना होगा। ओपीएस राजनीति नहीं है। केंद्रीय या राज्य सरकार चाहे जो हो, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। रेलवे के 11 लाख कर्मचारियों में से 96 प्रतिशत ओपीएस लागू नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। ज्वाइंट फोरम में राज्यों और केंद्रीय संस्थाओं के 36 संगठन शामिल हैं।

चुनाव में बड़े उलटफेर का दावा

OPS के लिए गठित नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) की संचालन समिति के राष्ट्रीय संयोजक एवं स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) के सचिव शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन नहीं लागू की जाती है, तो भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। यह संख्या कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके रिश्तेदारों को मिलाकर दस करोड़ से अधिक है। चुनाव में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने के लिए यह संख्या महत्वपूर्ण है।

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पीएफआरडीए में संशोधन के बिना ओपीएस संभव नहीं

एसबी यादव, कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव, ने कहा कि केंद्र सरकार को पुरानी पेंशन योजना को फिर से शुरू करना होगा। NPS का धन ‘पेंशन फंड एंड रेगुलेटरी अथारिटी’ (PFRDA) में जमा है। केंद्रीय बजट में जमा यह धन राज्यों को नई पेंशन योजना (NPS) में नहीं मिल सकता। वह धन केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो इसका योगदान करते हैं। OPPS लागू करने से पहले PFRDA को बदलना होगा। कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स ने सरकार से व्यापक रूप से इसकी मांग उठाई है। कन्फेडरेशन ने नवंबर में रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली भी निकाली थी।

18 साल बाद रिटायर हुए कर्मी को मिली इतनी पेंशन

शिव गोपाल मिश्रा का कहना है कि एनपीएस कर्मचारियों को बुढ़ापा पेंशन ही मिलता है। NPS स्कीम में शामिल कर्मचारियों को 18 साल बाद रिटायर होने पर क्या मिल गया? NPS में एक कर्मी को 2417 रुपये मासिक पेंशन मिली है, दूसरे को 2506 रुपये और तीसरे को 4900 रुपये मासिक पेंशन मिली है। अगर यही कर्मचारी पूर्ववर्ती पेंशन व्यवस्था में होते तो उन्हें प्रतिमाह 15250, 17150 और 28450 रुपये मिलते। NPS कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर छोटी सी पेंशन मिलती है, लेकिन वे हर महीने अपने वेतन का दस फीसदी देते हैं।

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